बाजार में जब उतार-चढ़ाव होता है, तब अधिकतर निवेशक असमंजस में पड़ जाते हैं कि क्या अपनी SIP को जारी रखें या बंद कर दें। लेकिन क्या हर गिरावट वाकई चिंता का विषय है, या यह एक अवसर हो सकता है? इस लेख में हम जानेंगे कि बाजार की अस्थिरता के समय SIP investment को लेकर क्या निर्णय लेना सही होता है।
SIP क्या है और यह कैसे काम करता है?
SIP (Systematic Investment Plan) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप नियमित अंतराल पर (मासिक, त्रैमासिक आदि) एक निश्चित राशि Mutual funds में निवेश करते हैं। यह निवेश शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है, लेकिन SIP in mutual fund की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह औसत लागत को कम करता है और बाजार की अस्थिरता को दीर्घकालीन लाभ में बदल सकता है।
बाजार के उतार-चढ़ाव और SIP का संबंध
जब शेयर बाजार में गिरावट आती है, तो mutual fund NAV कम हो जाता है। इसका मतलब यह है कि आपकी समान राशि से ज्यादा यूनिट्स खरीदी जाती हैं। यह प्रक्रिया rupee cost averaging कहलाती है।
उदाहरण के तौर पर, अगर आप हर महीने ₹5000 की SIP करते हैं और किसी महीने में NAV ₹50 है तो आपको 100 यूनिट्स मिलेंगी। यदि अगले महीने NAV ₹40 हो जाए, तो आपको 125 यूनिट्स मिलेंगी। इस तरह, गिरते बाजार में आप ज़्यादा यूनिट्स जमा कर रहे होते हैं जो आगे चलकर अच्छे रिटर्न देने की संभावना रखते हैं।
क्यों नहीं बंद करनी चाहिए SIP?
- लॉन्ग टर्म फोकस: SIP investment का असली फायदा तभी मिलता है जब आप इसे लंबे समय तक जारी रखते हैं। बाजार की छोटी अवधि की अस्थिरता दीर्घकाल में संतुलित हो जाती है।
- मूल्य का औसत निकालना: जैसा कि ऊपर बताया गया, गिरते बाजार में यूनिट्स सस्ते दाम पर मिलती हैं जिससे आपका औसत खरीद मूल्य कम होता है।
- अनुशासन बनाए रखना: SIP आपको निवेश में अनुशासन सिखाती है। जब आप नियमित रूप से निवेश करते हैं, तो यह आदत बन जाती है, और लंबी अवधि में आप एक अच्छा कॉर्पस बना पाते हैं।
- Time in Market > Timing the Market: बाजार को समय करना लगभग नामुमकिन है। SIP in mutual fund इस भ्रम से बचाती है और आपके धन को समय के साथ बढ़ने का मौका देती है।
SIP vs Lump Sum: अस्थिर बाजार में कौन बेहतर?
Lump sum investment यानी एक साथ बड़ी राशि निवेश करना, बाजार के निचले स्तर पर फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके लिए सही समय पकड़ना जरूरी होता है। दूसरी ओर, SIP में जोखिम बंट जाता है और औसतन बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है।
अगर आप अस्थिर बाजार में निवेश को लेकर घबराए हुए हैं, तो SIP एक बेहतर विकल्प है क्योंकि यह बाजार की चाल के अनुसार खुद को संतुलित करता है।
SIP return calculator से योजना बनाएं
बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद SIP में निवेश कितना रिटर्न दे सकता है, इसका अंदाजा आप SIP return calculator की मदद से लगा सकते हैं। यह टूल आपके निवेश की अवधि, मासिक राशि और अनुमानित रिटर्न के आधार पर भविष्य की वैल्यू बताता है।
उदाहरण:
यदि आप ₹5000 प्रति माह 10 साल तक 12% अनुमानित रिटर्न के साथ निवेश करते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹6 लाख होगा, जिसकी अनुमानित वैल्यू ₹11.6 लाख तक हो सकती है।
Best SIP plans: सही योजना का चयन
बाजार में कई mutual funds हैं जो SIP के जरिए निवेश की सुविधा देते हैं। Best SIP plans का चयन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- फंड का ट्रैक रिकॉर्ड (कम से कम 5 साल का)
- फंड मैनेजर की विशेषज्ञता
- जोखिम प्रोफाइल (large-cap, mid-cap, hybrid funds आदि)
- अपने निवेश का उद्देश्य और समय-सीमा
कुछ लोकप्रिय SIP फंड्स हैं:
- Axis Bluechip Fund
- Mirae Asset Large Cap Fund
- HDFC Hybrid Equity Fund
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1: क्या बाजार में गिरावट के समय SIP करना सही है?
उत्तर: हां, यह समय SIP के लिए आदर्श हो सकता है क्योंकि आप कम दाम पर ज़्यादा यूनिट्स खरीदते हैं जिससे भविष्य में बेहतर रिटर्न की संभावना होती है।
Q2: क्या SIP को बीच में बंद करने पर कोई पेनल्टी लगती है?
उत्तर: नहीं, SIP को कभी भी बंद किया जा सकता है और इस पर कोई पेनल्टी नहीं लगती। लेकिन कुछ mutual funds में lock-in period (जैसे ELSS) होता है, जिसमें पैसा समय से पहले नहीं निकाला जा सकता।
Q3: क्या SIP में नुकसान हो सकता है?
उत्तर: हां, अगर आपने बहुत कम समय के लिए SIP की है या गलत फंड चुना है तो नुकसान हो सकता है। लेकिन लंबे समय में अच्छे फंड्स बेहतर रिटर्न देते हैं।
Q4: SIP और lump sum में क्या अंतर है?
उत्तर: SIP में आप धीरे-धीरे निवेश करते हैं, जबकि lump sum में एक बार में पूरी राशि। SIP जोखिम को कम करती है और बाजार के समय निर्धारण की आवश्यकता नहीं होती।
Q5: क्या मैं एक से ज़्यादा SIP कर सकता हूं?
उत्तर: हां, आप एक से अधिक mutual funds में SIP शुरू कर सकते हैं। यह आपके पोर्टफोलियो को विविधता देता है और जोखिम को संतुलित करता है।
निष्कर्ष
बाजार के उतार-चढ़ाव में SIP को बंद करना एक भावनात्मक फैसला हो सकता है, जो भविष्य में नुकसानदेह हो सकता है। बेहतर यह है कि आप SIP investment को जारी रखें और गिरते बाजार को अवसर के रूप में देखें। अगर आप वाकई चिंतित हैं, तो SIP की राशि को घटा सकते हैं लेकिन पूरी तरह से रोकना आपको दीर्घकाल में नुकसान पहुंचा सकता है।

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